हे सृष्टि के कण-कण में प्रभु का प्यार पगे।
हे सृष्टि के कण-कण में,
प्रभु का प्यार पगे।
जनम से लेके, मरण तलक रे,
मानव समझ न सके ।। टेक ।।
हर कुछ उसका साधन बना है।
इतनी पताकाएं, जगह-जगह पे,
क्यों न समझ सके ।। १ ।।
जाना न उसको, पहचाना ना उसको।
तेरा ये साथी है, तेरे निकटतम,
तेरे निकटतम रहे ।। २ ।।










