हे जगत् पिता भगवान् !

0
8

हे जगत् पिता भगवान् !

हे जगत् पिता भगवान् !!!
हमें दो ज्ञान
तू ईश्वर प्यारा
दुनिया में एक सहारा

हे जगत् पिता भगवान् !!!
हमें दो ज्ञान
तू ईश्वर प्यारा
दुनिया में एक सहारा

बचपन में होश ना आया है
जीवन में पाप कमाया है
अब जाऊँ कहाँ
विषयों ने मुझको मारा
दुनिया में एक सहारा

दिल मेरा तो यह कहता है
तू मन मन्दिर में रहता है
दिन-रात भटकता रहा
मैं दर-दर मारा
दुनिया में एक सहारा

हे जगत् पिता भगवान् !!!
हमें दो ज्ञान
तू ईश्वर प्यारा
दुनिया में एक सहारा

स्वर :- पण्डित रमेश जी चन्द्रपाल व श्रीमती जेन्नी जी चन्द्रपाल, आर्य समाज टोरोंटो, वैदिक कल्चर सेंटर