हरिनाम सिमर सुख पायेगा।
हरिनाम सिमर सुख पायेगा।
मत भूल मनुष्य पछतायेगा।
पल-पल में जीवन बीत रहा।
तू हार रहा मन जीत रहा।
विषयों में अति दुःख पायेगा।
मत भूल…….
काया दो दिन की माया है।
उड़ते पंछी की छाया है।
जो आया है सो जायेगा।।
मत भूल…….
मद मोह के झूले झूल रहा।
तन-मन यौवन पर फूल रहा।
ये फूल तेरा मुरझायेगा।।
मत भूल……..
ये झूठा तेरा मेरा है।
तू हरि का है हरि तेरा है।
हरि बोलत ही तर जायेगा।।
मत भूल……..










