गौ और स्त्री जाति का, जब तक मान नहीं होगा

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गौ और स्त्री जाति का, जब तक मान नहीं होगा

गौ और स्त्री जाति का
जब तक मान नहीं होगा
निश्चय जानो तब तक भारत का,
उत्थान नहीं होगा।। टेक।।

भारतवासी गऊओं का,
जब मान किया करते थे
यहाँ होते थे बलवान्,
डेढ़ सौ साल जिया करते थे
यहाँ दूध, दही, घी,
मलाई, मक्खन खाया पीया करते थे
यहाँ पहले जैसा जब तक यहाँ पर,
खान और पान नहीं होगा।।1।।
गौ और स्त्री जाति का जब तक…….

स्त्री जाति का देखो
जब होता था सम्मान यहाँ
वीर विदुषी पैदा करती थीं
उत्तम सन्तान यहाँ
रणभूमि में लड़ने का भी,
करती थी ऐलान यहाँ
रण से भागे कायर पति में,
भर देती थी जान यहाँ
स्त्री शिक्षा की तरफ समझ लो,
जब तक ध्यान नहीं होगा।।2।।
गौ और स्त्री जाति का जब तक……..

गऊवों की तरह आज देश में,
भैंसों का आदर हो गया
इतना ही नहीं तेज दुधारा,
गऊवों के गल पर हो गया
भैंसों का घी दूध खायकर,
झोटा हर एक नर हो गया
झोटों में कहाँ मेल रहा बस,
यूँ झगड़ा घर-घर हो गया
गौ रक्षा के लिये यदि,
तैयार विधान नहीं होगा। ।3।।
गौ और स्त्री जाति का…………

आज स्त्री जाति पर है
अत्याचार नहीं छानी
होता दुर्व्यवहार जो उसकी,
कहें अपको क्या कहानी
पहले तो लड़की के जन्म पर,
कहो खुशी किसने मानी
लालन-पालन में भी बोलते,
रहे सदा खोटी वाणी
मात-पिता को निज कर्तव्य का
जब तक भान नहीं होगा।।4।।
गौ और स्त्री जाति का………

यदि आप चाहते हो
भारत चढ़ा शिखर में हो
गौ-हत्या बन्द देश में,
गौ-सेवा घर-घर में हो
‘महावीर’ का समझो जब तक,
सफल यह गान नहीं हेोगा।।5।।
गौ और स्त्री जाति का………

आप प्रसन्न हैं या नहीं- यह सोचने के लिए फुर्सत होना ही दुःखी होने का रहस्य है

और इसका उपाय है – सदैव व्यस्त रहो।