प्रार्थना
दाता तेरे सिमरन का, वरदान जो मिल जाए।
मुरझाई कली दिल की, इक आन में खिल जाए।।
दाता तेरे सिमरन का……….
सुनते हैं तेरी रहमत, दिन रात बरसती है।
इक बूँद जो मिल जाए, तकदीर बदल जाए।।
दाता तेरे सिमरन का………..
ये मन बड़ा चंचल है, चिन्तन में नहीं लगता।
जितना इसे समझाऊँ, उतना ही मचल जाए।
दाता तेरे सिमरन का……..
हे नाथ मेरे दिल की, बस इतनी तमन्ना है।
पापों से बचा लेना, पाँव न फिसल जाए।।
दाता तेरे सिमरन का………….
देवत्व के फूलों से, दामन को मेरे भर दो।
जीवन ये सुगन्धित हो, दुर्गन्ध निकल जाए।।
दाता तेरे सिमरन का…………
ऐ ! मानव तू दिल से, प्रभु नाम का सिमरन कर।
दोषों भरे जीवन का, काँटा ही बदल जाए।।
दाता तेरे सिमरन का…………










