छोड़ कर जग का
छोड़ कर जग का, पसारा दो घड़ी,
याद कर जगदीश, प्यारा दो घड़ी ॥
दम-बदम हरदम की, रखना जुस्तजू,
वक्त मत खोना, अकारथ दो घड़ी ।।
जग समुन्दर में थके, जब तैर कर,
ले लिया कर तू, सहारा दो घड़ी ॥
दो घड़ी में पापी, तन धुल जाएगा,
सच्चे दिल से जो, पुकारा दो घड़ी ॥
रात दिन खोया है, यूं ही वक्त को,
कौड़ी बदले तोड़ दी, मोती-लड़ी ।।
दो घड़ी यदि, नाम तू ने ले लिया,
हो गई तेरी सफल जीवन-घड़ी ॥










