आर्य समाज भजन

सामवेद का गान था

सामवेद का गान था सामवेद का गान था, मीठी वैदिक तान था।कहते लोग महामानव, किस मिट्टी का इन्सान था॥टेक॥ मुंशीराम नाम का...
तेरी ख़ातिर (तर्ज- मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तिहारे आऊँ) तेरी ख़ातिर परमपिता ने यह संसार बनाया।कुल दुनियाँ का वैभव सारा...
ओम् नाम का जाप करो जब चिन्ता बहुत सताये।तब ओम् नाम का जाप करो।दुःख अन्तःकरण दुखाये।तब ओम् नाम का जाप करो। १....
गीत प्रेम से गा न सका (तर्ज - दिल तोड़ने वाले जादूगर अब मैंने तुझे) भगवान् तुम्हारी महिमा के मैं गीत प्रेम...
सब का प्यारा बनाओ (तर्ज - दयानन्द के वीर सैनिक बनेंगे) दया भाव दिल में जगाओ प्रभु जी।हमें सब का प्यारा बनाओ...
जगतपति ने जगत् रचाया (तर्ज- जुत्ती कसूरी पैरों न पूरी हाये रबा वे मैनू टुरना पया) जगतपति ने जगत रचाया अन्त किसी...
कर मुझे भवसागर से पार (तर्ज - मन तड़पत हरि दर्शन को आज) प्रभु कर मुझे भवसागर से पार।हर दम तुम सब...
प्रभु जी मुझे वरदान दो (तंर्ज - है इसी में प्यार की आबरू) प्रभु जी मुझे वरदान दो मैं कभी न तुम...
संसार मुसाफ़िरख़ाना है (तर्ज-है प्रीत जहाँ की रीत सदा मैं गीत…..) संसार मुसाफ़िरखाना है इसका दस्तूर पुराना है।इक रोज़ यहाँ पर...
भगवान् जैसा कोई नहीं (तर्ज - औलाद वालो फूलो फलो) शेअर - भर दे सब की झोलियाँ वह प्रजापति भगवान ।उसी के...
पाँच सकार (सन्ध्या, स्वाध्याय, सत्संग, संयम, सेवा) (तर्ज-बच्चो तुम तसवीर हो कल के हिन्दुस्तान की) भवसागर में डोलती नैया के पतवार हैं।जीवन...
वक्त की कदर करो (तर्ज-कव्वाली) वक्त की कदर करो वीरवरो।वक्त की कदर करो।झोलियाँ सुख से भरो वीरवरो।वक्त की कदर करो। १. वक्त जो...
पुरुषार्थी बनो (तर्ज-तू हिन्दू बनेगा न मुसलमान बनेगा…) जो ज़िन्दगी पुरुषार्थ के साँचे में ढली है।तूफान का मुँह मोड़ के रख दे...
इनसान (तर्ज-बहारो फूल बरसाओ) किसी के काम जो आए उसे इनसान कहते हैं।पराया दर्द अपनाए उसे इनसान कहते हैं।किसी के काम जो...
कब जीना आएगा जीने को तू नई से नई चीज़ बनाएगा।दुनियाँ में इनसान तुझे कब जीना आएगा।दुनियाँ में इनसान तुझे…….. १. माना...
छोड़ दो (तर्ज-है बहारे बागे दुनियाँ चन्द रोज़) दीन दुःखियों को सताना छोड़ दो छोड़ दो।दिल जलों के दिल जलाना छोड़ दो...
पहचान लिया है दुनियाँ की हकीकत को हमने जान लिया है।मतलब के सभी लोग हैं पहचान लिया है। १. हमदर्द यहाँ कौन...
क्या जाने (तर्ज-आँखों में खुशी छा जाती है) बातें जो बनाया करते हैंवो करके दिखाना क्या जानें।करने की लगन जिनके मन मेंवो...
धन से प्रीति (तर्ज - ऐ जाने चमन तेरा गोरा बदन) रहने को भवन वस्तर भोजन सुख धन से मिलें हज़ार ।क्यों...
अनमोल जीवन तेरा जीवन है अनमोल रे तेरा जीवन है अनमोल।इसे विषयों में न रोल रे तेरा जीवन है अनमोल। १. कभी...
शराब की नदियाँ चार मुक्तक (रुबाईयाँ) १. हालत हमारे देश की जिसने ख़राब की।ऐसी ख़राब की है कि बस बेहिसाब की।बहती थीं...
मन का दीया (तर्ज-या ख़ुदा सोई किस्मत जगा दे) ज़िन्दगी का सफ़र करने वाले ।अपने मन का दीया तो जला ले। १. वक्त...
कमाई देख ले (तर्ज-कैसे कैसे यह जलवे दिखाए रामजी) तूने कर ली है कितनी कमाई देख ले।हुआ फ़ायदा या घाटा ओ भाई...
इक दीया जलता हुआ लाखों जलाएगा। (तर्ज-या मेरी मन्जिल बता या ज़िन्दगी को छीन ले) इक दीया जलता हुआ लाखों जलाएगा।पर बुझे...
हीरा जीवन है अनमोल (तर्ज-तेरे पूजन को भगवान बना मन मन्दिर आलीशान) हीरा जीवन है अनमोल इसे यों मिट्टी में न...
दुनियाँ की हालत (तर्ज-मयखाना तो छूट गया दर छूटे न मयख़ाने का) क्या कहूँ दुनियाँ की हालत लग गई बीमारी है।उड़ चली...
पहले तोलो फिर बोलो (तर्ज - हाय न वस ओये न वस बदला अजे न वस ओये कालेया) पहले अपनी बात को...
सब खा गये मिर्च मसाला (तर्ज-ओम् का झण्डा आया) अजगर बन कर लाला। सब खा गये मिर्च मसाला।कर गड़बड़ घोटाला। सब खा...
हमारे देश की महिमा (तर्ज- हमें तो लूट लिया मिलके हुस्न वालों ने ) हमारे देश की महिमा बड़ी सुहानी है।सब से...
ज्ञान हमको दीजिये ज्ञानदाता ज्ञान हमको दीजियेज्ञान की बातें न ठुकरायें कभी।ज्ञानदाता ज्ञान हमको दीजिये……. १. हम सुने उपदेश को धारण करेंसुन...
हमको रस्ता दिखा दो प्यारे प्रभु । (तर्ज - मेरे मन के गोपाल जपो ओम् ओम् ओम्) हमको रस्ता दिखा दो प्यारे...
जपो ओम् नाम (तर्ज - चलो चलें माँ सपनों के गाओं में) जपो ओम् नाम प्राणों का प्राण है।दुःखों को दूर करे...
भक्तों का नमस्कार (तर्ज - मत्थे ते चमकन वाल मेरे बन्नड़े दे) भक्तों का होवे नमस्कार प्रभु तेरे चरणों में।झुकता है सारा...
वैदिक स्वरूप (तर्ज - ऐ रात के मुसाफ़िर चन्दा जरा बता दे…) ईश्वर को ढूँढने का वैदिक स्वरूप क्या है।अनजान है यह...
धर्म की महिमा अपार (तर्ज-वक्त के दिन और रात वक्त के कल और आज) धर्म की महिमा अपार। धर्म पर ठहरा संसार।धर्म...
कर ईश्वर से प्यार मानव कर ईश्वर से प्यार। कर ईश्वर से प्यार मानव कर ईश्वर से प्यार।संकट मोचन विघ्न विनाशक...
भला क्या नहीं मिलता यह न कहो कि यहाँ ख़ुदा नहीं मिलता।ढूँढ़ने वाले का ही पता नहीं मिलता।यह न कहो कि...
सच्चे शिव का दीवाना (तर्ज-न मैं भगवान् हूँ न मैं शैतान हूँ…) दुष्टों के काल का दीन दयाल का।मैं हूँ दीवाना सच्चे...
चाहे पुण्य करो चाहे पाप करो (तर्ज-तेरी याद में जल कर देख लिया अब आग में जल कर देंखेंगे) कण कण में...
ईश्वर को ध्याओ (तर्ज - हुआ ध्यान में ईश्वर के जो मगन उसे कोई…) सब मिल कर ईश्वर को ध्याओजो सब का...
तेरे खेल निराले प्रभु जी तेरे खेल निराले । (तर्ज - ओम् का झंडा आया यह ओम् का झंडा आया) तेरे खेल...
मेरे मन के गोपाल जपो ओम् ओम् ओम् । (तर्ज - बिना बदरा के बिजुरिया कैसे चमके) मेरे मन के गोपाल जपो...
देव चराचर के उत्पादक सब दुःख दुर्गुण दूर हटा दो। (तर्ज - साधक बन कर करो साधना अमृत का भण्डार मिलेगा) १....
तेरे खेल निराले (तर्ज - ओम् का झंडा आया यह ओम् का झंडा आया) तेरे खेल निराले प्रभु जी तेरे खेल निराले...
जीवन सफल बना ले (तर्ज - अल्ला ही अल्ला किया करो दुःख न किसी को) नाम प्रभु का लिया नहीं।धर्म का सौदा...
सदा ही सहाई (तर्ज - दयानन्द के वीर सैनिक बनेंगे) प्रभु नाम तेरा सदा ही सहाई।यह वो शै है जो न कभी...
धर्म कर्म मत छोड़ो (तर्ज - झनक झनक मोरी बाजे पायलिया) धर्म कर्म मत छोड़ो रे मनवा।प्रीत की रीत न तोड़ो रे...
प्रभु की बातें प्रभु ही जाने (तर्ज- तुम्हीं हो माता पिता तुम्हीं हो…) बता गये हैं यह लोग स्यानेप्रभु की बातें प्रभु...
सबका रखवाला दिल में बसा ले। (तर्ज - सुख के सब साथी दुःख में न कोई) सबका रखवाला दिल में बसा ले।वह...
प्रभु परमेश्वर ने संसार सजाया है। (तर्ज-तुम रूठ के मत जाना) १. इक बाग लगाया है।प्रभु परमेश्वर ने संसार सजाया है। २. दिन...
गायत्री महिमा वरदायिनी हे गायत्री माता।गुणगान तेरे संसार गाता। १. रक्षा करे प्रभु प्राणों से प्यारा।दुःख दर्द नाशक दुनियाँ से न्यारा।मानव प्रभु...
क्योंकि वह ओम् ओम् है (तर्ज - यह इश्क इश्क है इश्क) वह वह ओम् ओम् है ओम् ओम् ।ओम् ओम् है...
हर इक नज़ारा है ओम् का (तर्ज - न तो कारवाँ की तलाश है) यह जो सिलसिला है जहान कायह तो कुल...
त्रैतवाद सिद्धान्त (तर्ज-बुरा जो देखन में चला) १. इस सारे संसार में मूल तत्त्व हैं तीन।ब्रह्म जीव और प्रकृति वेद वचन प्राचीन।रे...
श्रद्धा की भेंट लेकर आया हूँ द्वार तेरे श्रद्धा की भेंट लेकर आया हूँ द्वार तेरेयह भेंट मेरी भगवन् स्वीकार कीजियेगा।श्रद्धा...
प्रभु के दर आ बन्देया (तर्ज - नटवर नागर नंदा भजो रे मन गोबिन्दा) यह जग रैन बसेरा प्रभु के दर आ...
बेसहारों का सहारा (तर्ज- हम को भी दे दे सहारा दो जहाँ के बादशाह) बेसहारों का सहारा कौन है संसार में।बिन तेरे...
प्रेम भाव से मिलकर जग में रहें सभी इनसान । (तर्ज - देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान्) प्रेम...
काहे को तूने प्रभु नाम न गाया। (तर्ज- पूछो न कैसे मैंने रैन बिताई) काहे को तूने प्रभु नाम न गाया।सुन भन...
दुनियाँ में आने वाले ईश्वर गुण गाते जाना। (तर्ज-आया सी स्वामी सुत्ता भारत जगान बदले) दुनियाँ में आने वाले ईश्वर गुण गाते...
पत्थर का ईश्वर (तर्ज-चाँदी की दीवार न तोड़ी प्यार भरा दिल तोड़ दिया) कैसी भारी भूल हुई थी क्या दिलों में ठान...
मुश्किलों से क्या डरना (तर्ज- तेरे नाम दी जपाँ मैं माला ओ शेराँ वाली कर किरपा) हर हाल में प्रभु रखवाला तो...
सब का पालनहार (तर्ज- नेकी तेरे साथ चलेगी बाबा) सब का पालनहार तू ही है दाता।प्राणों का आधार तू ही है दाता।दुःख...
बेड़ा पार न होगा (तर्ज-इस रेशमी पाजेब की झंकार के सदके) संसार में जिसका प्रभु से प्यार न होगा।उसका तो भव सागर...
दिल में रहता है (तर्ज - मैं तेरे दर पे आया हूँ कुछ करके जाऊँगा) वो सब के दिल में रहता है...
मैं हूँ आत्मा तू परमात्मा मैं हूँ आत्मा तू परमात्मापिता पुत्र का तुम से नाता है।धरती अम्बर को रचने वाला हैसारे...
कर के देख लो (तर्ज-या मेरी मन्जिल बता या ज़िन्दगी को छीन ले) उस प्रभु के न्याय को स्वीकार कर के देख...
जपो ओम् ओम् ओम् (तर्ज - बिना बदरा के बिजुरिया कैसे चमके) मेरे मन के गोपाल जपो ओम् ओम् ओम् ।कपट छल...
ओम् ओम् बोल मनवा (तर्ज - आजा इक वार जोगिया…) ओम् ओम् बोल मनवा । ओम् ओम् बोल मनवा ।क्यों है डाँवाँ...
हे परमेश्वर दया करो। हे परमेश्वर दया करो।सब के सारे कष्ट हरो। १. सभी जगह दरबार है तेरा।खुला हुआ भण्डार है तेरा।ख़ाली...
जिधर देखता हूँ मैं नज़रें उठाकर (तर्ज - हुजूर आते आते बहुत देर कर दी) जिधर देखता हूँ मैं नज़रें उठाकरकुदरती नज़ारे...
प्रभु तेरी माया कहीं धूप कहीं छाया। प्रभु तेरी माया कहीं धूप कहीं छाया।तूने यह विशाल विश्व किस तरह बनाया।प्रभु तेरी...
दुनियाँ के मालिक ख़ालिक हमारे। (तर्ज- तेरी जवानी तपता महीना) दुनियाँ के मालिक ख़ालिक हमारे। हम हैं तुम्हारे ।हम बेसहारों को...
हम कौन सा उपाय करें इस जहान में। (तर्ज - मुझे तेरी मुहब्बत का सहारा मिल गया होता) शेअर - हम कौन...
मत सोच बांवरे कि बेकार इस दर पे आए। (तर्ज - हज़ारों रंग बदलेगा ज़माना) शेअर - मत सोच बांवरे कि बेकार...
हज़ारों हाथों वाले हमको भरोसा प्रभु तेरा। (तर्ज - सुनो रे प्यारे भाई प्रभु के भरोसे हाँको गाड़ी) हज़ारों हाथों वाले हमको...
भगवान् तुम्हारे दर पे भक्त आन खड़े हैं। (तर्ज - करती हूँ तुम्हारा व्रत मैं स्वीकार करो माँ) भगवान् तुम्हारे दर पे...
ईश प्रार्थना हे ईश्वर हे जगत् पिता हम सब तेरे गुण गाएँ।मन मन्दिर में सदा तुम्हारे नाम की जोत जलाएँ।हे ईश्वर...
मेरे मालिक प्रभो सब से न्यारे। (तर्ज-रात भर का है महमां अन्धेरा) मेरे मालिक प्रभो सब से न्यारे।बेसहारों के तुम हो सहारे। आज...
भगवान के घर देर है अन्धेर नहीं है। (तर्ज- हम देश के सेवक हैं यह है हिन्द प्यारा) भगवान के घर देर...
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जमाने को सच्चा सखा मिल गया।दयानन्द सा देवता मिल गया।। ये नैया वतन की भंवर में पड़ी।खड़ी सामने थी मुसीबत बड़ी।अचानक...
कर ओम् नाम का जाप (तर्ज- बुरा जो देखन मैं चला) १. कर्मशील इनसान कर ओम् नाम का जाप।ओम् नाम के जाप...
जिसकी तलाश है (तर्ज-तुझे क्या सुनाऊँ ऐ दिलरुबा…) तुझे मनवा जिसकी तलाश है।अति निकट उसका निवास है।काहे दर बदर तू भटक रहावह...
नेकियाँ कमाना (तर्ज - दिल का खिलौना हाये टूट गया) नेकियाँ कमाना काहे छोड़ दिया।बुरी आदतों से नाता जोड़ दिया।नेकियाँ कमाना काहे……….. १....
सारा जीवन बीत गया (तर्ज - मेरी छम छम बाजे पायलिया) तेरा जीवन सारा बीत गया।तुम से मनाया नहीं मीत गया।तेरा जीवन...
अमृत पिया करो (तर्ज - जोगी हम तो लुट गये तेरे प्यार में) लिया करो उस प्रभु का नाम हर दम लिया...
तेरी लाठी बे आवाज़ है भक्त जनों का रखवाला भगवान् गरीब नवाज़ है।सारी दुनियाँ मान गई तेरी लाठी बे आवाज़ है। १....
हम को शक्ति दो (तर्ज-टुट्टे दिल नहीं जुड़दे वेखीं तोड़ीं ना) हे दुनियाँ के दाता हम को शक्ति दो।जगत् पिता जग माता...
सब का दाता एक है (तर्ज - सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है) अनगिनत प्राणी जगत् में सब का दाता...
सुबह शाम सन्ध्या सुबह शाम ईश्वर को ध्याया करो जी।कि सन्ध्या में मन को लगाया करो जी। उठो ब्रह्म वेला में निद्रा...
उमर चली जाये न (तर्ज-कभी राम बन के कभी शाम बन के चले आना) प्रभु नाम जप ले सुबह शाम जप लेयूँ...
प्रभु के गुणगान (तर्ज-खिलौना जानकर मुझ को मेरा दिल तोड़े जाते हो) तुम्हारे दर पे ही योगी मुनि सब सर झुकाते हैं।तुम्हीं...
तेरी शरण में (कर्ज-कन्हैया कन्हैया तुझे आना पड़ेगा) दिलों में सभी प्यार लाये हुए हैं।शरण में तेरी नाथ आए हुए हैं। १. उठी...
प्रभु का सहारा (तर्ज - दयानन्द के वीर सैनिक बनेंगे) प्रभु के बराबर सहारा नहीं है।हितु और कोई हमारा नहीं है।प्रभु के...
ओम् का झण्डा आया ओम् का झण्डा आयायह ओम् का झण्डा आया। ९. ऋषि ने लाखों कष्ट उठाये।जहर पिया और पत्थर खाये।फिर...
सृष्टि तथा वेद की उत्पत्ति (तर्ज- हे दयामय हम सबों को शुद्धताई दीजिये) १. प्राकृतिक परमाणुओं की मूल सामग्री जुटी।स्वयंभू परमात्मा ने...
यस्त॑ इ॒ध्मं ज॒भर॑त्सिष्विदानो मूर्धानं वा तृतर्पते त्वाया। भवस्तस्य स्वतवाँः पायुरग्ने विश्वस्मात्सीमुघायत उरुष्य ॥ ऋः ४.२.६ तर्जः मोली मोली कातिरुन्दर गणी कोरमग-राग-भूपाली...
विष्णोर्नु क॑ वी॒र्याणि प्र वर्वोचं यः पार्थिवानि विमुमे रजांसि । यो अस्क॑भाय्युत्तरं स॒धस्य॑ स॒धस्य॑ विचक्रमा॒णस्त्रेधोरु॑णा॒यः ॥ ऋः १.२२.१६ तर्जः मोली मोली कातिरुन्दर...
असृक्षत॒ प्र वा॒जिनौ गुव्या सोमा॑सो अश्व॒या। शुक्रासौ वीर्याशवः ।। ऋः ६.६४.४ तर्जः मैत्रीनो अजुनका वाणी में जादू तो सन्त जगायेगा, अपने तक नहीं...
अ॒यं द्यावा॑पृथि॒वी वि ष्कंभायद॒यं रर्थमयुनक्स॒प्तर॑श्मिम् । अ॒यं गोषु शच्या प॒क्म॒न्तः सोमो दाधार् दशयन्त्रमुत्स॑म् ।। ऋः ६.४४.२४ तर्जः मैं तो साँवरे के...