बुलबुलों गर तुम्हारा चमन लुट गया

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बुलबुलों गर तुम्हारा चमन लुट गया

बुलबुलों गर तुम्हारा चमन लुट गया
चहचहाने बताओं कहां जाओगे,

फूल पत्ते ना होंगें यदि डाल पर
आशियाना बनाने कहां जाओगे,
बुलबुलों गर तुम्हारा चमन लुट गया

हर दिशा में चुबन पवन में तपन
हर नई खोज देती है निराली चुबन
हर दिशा में चुबन पवन में तपन
हर नई खोज देती है निराली चुबन
पंखफन में ये झुलकने लगे,
आग में ये सुलगने लगे
सर छुपाने कहां जाओगे
बुलबुलों गर तुम्हारा …

आग ही आग है ना हुई मंद है
बिन अगन जल रहे आ रही गन्ध है
आग ही आग है ना हुई मन्द है
बिन अगन जल रहे आ रही गन्ध है
पंखफन में ये झुलकने लगे,
आग में ये सुलगने लगे
सर छुपाने कहां जाओगे
बुलबुलों गर तुम्हारा …

बात बिगड़ी नहीं पर बिगड़ जाएगी
तुम संवारो इसे यह संवर जाएगी
बात बिगड़ी नहीं पर बिगड़ जाएगी
तुम संवारो इसे यह संवर जाएगी
हाथ से वक्त हीरा,अगर यूं खो दिया
ढूंढने कहां जाओगे
बुलबुलों गर तुम्हारा …

यह हमारा चमन रंग रंगीला चमन
हम रहें या ना रहें यह रहेगा वतन
यह हमारा चमन रंग रंगीला चमन
हम रहें या ना रहें यह रहेगा वतन
हिम्मत से,उठा लो,यह बाजु,तुम जवानों
आजमाने कहां जाओगे
बुलबुलों गर तुम्हारा …