बोलो दारू दुःख देवा

0
28

बोलो दारू दुःख देवा

बोलो दारू दुःख देवा
भगवान या दारू दुःख देवा।
अपने भक्तजनों के प्राणों की लेवा….।।

चाहे किसके ब्याह हो
या सगाई चाहे लिखवाओं टेवा।
उड़े भी बोतल खोल रहे
बारु बलदेवा……

२. दारू पीवें गंठे खावे
गजब तेरी मेवा।
डूब रहे दिन धोली पार
लगे न खेवा….

३. दूध दही घी बूरा तैं,
खूब करी सेवा।
फिर भी बोतडू न्यूं बोल्या,
मेरा गड्या नहीं डेवा…..

४. टूम-ठेकरी बेच दई,
होया घर का गलत नेवा।
जाके करै मजूरी चण्डीगढ़ पेहवा….