बचा ले अपनी जीवन नैया

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बचा ले अपनी जीवन नैया

यात्री आत्मा भोले रे ॥

पाप के छेद हैं नाव में तेरी

जग सागर में डाले रे ॥ बचा ले…

कर दी नाव पुरानी मूरख

सद्‌गुण से ना साधी रे

खा गए लकड़ी दुर्गुण दीमक

अब मनवा क्यूँ डोले रे? ॥ बचा ले…

कुटिल मार्ग मृत्यु का द्योतक

याज्ञिक जीवन अमृत रे

पाले देव मार्ग शिव-सुख का

रखना अमृत घोले रे ॥ बचा ले ॥

रहे अविद्या दुःख ही दुःख है

विद्या में सुख आनन्द रे

विषय विकार छोड़ मद मोह को

परमेश्वर का होले रे ॥ बचा ले ॥

(घोतक) दिखलाने वाला (याज्ञिक) निष्कामी

तर्ज: तरुन गेले दिन मधले सखी