अच्छे गुण सम्पन्न होंय
अच्छे गुण सम्पन्न होंय
चाहे देखत पड़े मलीना।
अच्छे ही कामों में जिनका
ध्यान रहै रोजीना ।।
स्वर्ग उनको होई।। गहनो ३
सोने चाँदी की चीजों में
प्रेम बड़ौ है जिनकूं।
दुःख समुद्र में गोते खावें
अन्त नरक हो तिनकूं ।।
जगत् अपयश होई।। गहनो ४
तन की शोभा काम न
आवै मरण काल जब होई।
मात-पिता घर वारेन में से
संग चले ना कोई ।।
कर्म संगी होई।। गहनो ५
विद्या पढ़ि अच्छे गुण को
जो गहनों पहिने नारी।
प्यारी बहिनों सीता सी हों
सुख भोगें वो भारी।।
सुयश जग में होई।। गहनो ६










