आया है तो जग में याद जीने की कला रखना।

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आया है तो जग में याद जीने की कला रखना।

आया है तो जग में याद
जीने की कला रखना।
आईना नहीं अपने दिल का
धुन्धला रखना॥ टेक॥
सुन्दर है बदन तो क्या
अख्लाक की कीमत है।
बाजार के बिजनिस में
तो शाख की कीमत है॥
देने पै ही मिलता है
शिकवा न गिला रखना ॥1॥

जी उठता जन्म लेकर
फिर काल का मारा हुआ।
बचता ना कोई देखा
आमाल का मारा हुआ॥
आमाल के दामन को
अपने उजला रखना ॥2॥

चमकायेगा जीवन को
मेहनत का पसीना ही।
आयेगा काम तेरे
नेकी का नगीना ही॥
बदनाम बदी करती हर
पग संभला रखना ॥3॥

ईमान के सागर में
सच्चाई के मोती हैं।
जिन खोजा तिन पारयां
एक अद्भुत ज्योति है॥
यह नियम की साधना में
अपने को ढला रखना ॥4॥

‘कर्मठ’ क्या खबर ये जुबां
बन्द हो कुछ कहे न कहे।
तेरे गीत अमर होंगे
तू जग में भले न रहे॥
जीते जी लिखने का
जारी सिलसिला रखना ॥5॥