उठो जवानों करो प्रतिज्ञा जग को आर्य बनाना है।
उठो जवानों करो
प्रतिज्ञा जग को आर्य बनाना है।
भूले भटके भ्रान्त पथिक को
फिर सन्मार्ग दिखाना है।।
मतवादों का अन्ध कुहांसा,
दिशा बोध भूला मानव।
वैदिक सूर्य विभा चमकाकर,
निज कर्तव्य निभाना है।।
उठो जवानों करो प्रतिज्ञा……..
मत-पन्थों की पगडंडी में,
उलझ रहा मनुपुत्र सखे।
वैदिक राजमार्ग पर लाकर,
लक्ष्य सिद्धि तक लाना है।
उठो जवानों करो प्रतिज्ञा…….
एक उपास्य ओ३म् हम सबका,
आर्य नाम अति प्यारा है।
गायत्री गुरुमन्त्र, नमस्ते,
अभिवादन बतलाना है।।
धर्म ग्रन्थ हैं वेद हमारा,
वैदिक धर्म सनातन है।
भाषा संस्कृत, एक एकता,
सबको यह सिखलाना है।।
उठो जवानों करो प्रतिज्ञा……..
एक पिता के पुत्र सभी हैं,
हम सन्मार्ग भाई भाई।
सुख-दुःख मिलकर बांटे सारे,
यों जग स्वर्ग बनाना है।
उठो जवानों करो प्रतिज्ञा………..










