चेतावनी
जैसा तुम कर्म कमाओगे,
वैसा ही फल तुम पाओगे।
सुख दोगे तो सुख पाओगे,
दुःख दोगे तो कष्ट उठाओगे।।
जैसा तुम कर्म कमाओगे…….
यह जग कर्मों की खेती है,
जो बीजोगे सो काटोगे।
बदनाम करेगी बदी तुम्हें,
कर नेकी यश फैलाओगे।।
जैसा तुम कर्म कमाओगे…….
गर किसी का पैसा मारोगे,
कुछ दिन तो कटेगी ऐश बड़ी।
फिर बीज बनेगा वृक्ष जभी,
फिर रोओगे पछताओगे।।
जैसा तुम कर्म कमाओगे…….
छल, कपट, झूठ, चतुराई से,
सोने की बना लोगे लंका।
फिर याद करो रावण की तरह,
कौड़ी भी साथ न ले जाओगे।।
जैसा तुम कर्म कमाओगे…….
मनुष्य के चोले को पाकर,
कुछ नेक कमाई न की तूने।
फिर करके लाख चौरासी में,
जन्मों तक धक्के खाओगे।।
जैसा तुम कर्म कमाओगे……..










