आर्य समाज कक्केपुर मेरठ में यजुर्वेद पारायण यज्ञ

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ओ३म्

असुर्या नाम ते लोका अन्धेन तमसावृताः। ताँस्ते प्रेत्यापि गच्छन्ति ये के चात्महनो जनाः (यजु० ४०/०३)

वे ही मनुष्य असुर, दैत्य, राक्षस आदि हैं. जो आत्मा में और जानते हैं. वाणी से कुछ और बोलते हैं और करते कुछ और ही हैं वे कभी अविद्यारूप दुःखसागर से पार हो आबन्द को नहीं प्राप्त हो सकते और जो आत्मा, मन, वाणी और कर्म से निष्कपट एकसा आचरण करते हैं, वही देव, सौभाग्यवान सब जगत को पवित्र करते हुए इस लोक और परलोक में अतुल सुख भोगते हैं

यजुर्वेद पारायण यज्ञ

विजयदशमीपर्व एवं वार्षिकोत्सव आर्य समाज कक्केपुर मेरठ

शुकवार ११ अक्टूबर २०१४ से रविवार १३ अक्टूबर २०५ तक

तद्नुसार आश्विन शुक्ल नवमी से आश्विन शुक्ल एकादशी सं० २०८१ तक

आमंत्रित विद्वत्जन

पूज्य स्वामी आत्मानंद

आचार्य विजयपाल शास्त्री

आचार्य शेखर शास्त्री

इस पुनीत अवसर पर आप सभी सपरिवार एवं इष्ट मित्रों सहित सादर आमंत्रित हैं।

कार्यकम

शुकवार ११ एवं १२ अक्टूबर २०२४

वैदिक यज्ञ, सुमधुर भजन एवं दिव्य प्रवचन

प्रातः ०.३० बजे से ११.३० बजे तक

सायं ४.०० वजे से ६.३० बजे तक

रविवार १३ अक्टूबर २०२४

वैदिक यज्ञ, सुमधुर भजन एवं दिव्य प्रवचन

तत्पश्चात् प्रीतिपूर्वक सहभोज

प्रातः ८.०० बजे से १२.०० बजे तक

निवेदक

ब्रह्मर्षि कृष्णदत्त गौशाला, कक्केपुर

ब्रह्मर्षि कृष्णदत्त आर्ष विद्यापीठ, गुरूकुल

ब्रह्मर्षि कृष्णदत्त आर्यसमाज समस्त याह्निक परिवार कक्छेपुर, मेरठ

कार्यक्रम स्थल- ग्राम कक्केपुर, मेरठ शामली मार्ग निकट टोल प्लाजा, मेरठ

सम्पर्क सूत्र- ९४१०८८८४०१, ८१२६४९५८३०