वेदार्थ विज्ञान संगोष्ठी
कार्तिक सुदी अष्टमी, नवमी एवं दशमी, विक्रम सम्वत् २०८१
दिनांक : 9, 10 एवं 11 नवम्बर 2024
शनिवार, रविवार एवं सोमवार
क्या आप जानना चाहते हैं?
- वेद ब्रह्माण्डीय ग्रन्थ व ईश्वरीय ज्ञान क्यों है ?
- वेद का वास्तविक स्वरूप क्या है ?
- पृथिवी की प्रथम मानव पीढ़ी के समय क्या परिस्थिति थी, जिसमें वेद का आविर्भाव हुआ ?
- चार ऋषियों के अन्दर वेद के आविर्भाव की वैज्ञानिक प्रक्रिया क्या है?
- प्रथम पीढ़ी के मनुष्यों ने ब्रह्मा जी से वेद कैसे पढ़ा और स्वयं ब्रह्मा जी के महर्षि अग्नि आदि चार ऋषियों से वेद पढ़ने की क्या पद्धति थी ?
- प्रथम पीढ़ी से अगली पीढ़ियों में वेदों का ज्ञान-विज्ञान कैसे पहुँचा ?
- वेद एवं ऋषि दयानन्द के वेदभाष्य को समझने में अब तक कौन-कौन सी भूलें होती रही हैं ?
- वेदभाष्य करने वाले को क्या-क्या सावधानियाँ रखनी चाहिये ?
- ऋषि दयानन्द ने वेदभाष्य प्रारम्भ करने से पूर्व कहा था- ‘मेरे वेदभाष्य से सम्पूर्ण भूमण्डल में सूर्य जैसा प्रकाश हो जायेगा’। उनका वह स्वप्न पूर्ण क्यों नहीं हो सका ?
- वेदमन्त्रों का स्वाभाविक अर्थ क्या होता है तथा अन्य प्रकार के अर्थों को जानने की प्रक्रिया क्या है?
- वेद को समझने के लिए ब्राह्मण, निरुक्त आदि आर्ष ग्रन्थों को लिखने की आवश्यकता क्यों पड़ी ?
- वैदिक पदों के निर्वचन का विज्ञान कैसे वेद व सृष्टि के रहस्यों को खोलता है ?
- निरुक्त के निर्वचन अब तक क्यों रहस्यमय रहे ?
- वैदिक विज्ञान के सामने क्या चुनौतियाँ हैं और उनके समाधान क्या हो सकते हैं?
- विज्ञान के सूत्रों का दैनिक जीवन में क्या उपयोग है?
…तो हम इस अवसर पर आप सभी वेदप्रेमी, राष्ट्रप्रेमी एवं विज्ञानप्रेमी महानुभावों को सादर आमन्त्रित करते हैं।
आचार्य श्रीमद् अग्निव्रत नैष्ठिक – (संस्थान के संस्थापक प्रमुख)
माननीय डॉ. सत्यपाल सिंह – संस्थान के प्रधान अध्यक्ष
सम्पूर्ण कार्यक्रम के अध्यक्ष
माननीय डॉ. सत्यपाल सिंह जी
(कुलाधिपति, गुरुकुल काँगड़ों विश्वविद्यालय, पूर्व राज्य मन्त्री, उच्च शिक्षा, भारत सरकार, पूर्व पुलिस आयुक्त, मुम्बई)
अति विशिष्ट अतिथि
माननीय श्रीमान् जोगेश्वर जी गर्ग – मुख्य सचेतक, राज, विधान सभा
भामाशाह श्रीमान् रवीन्द्रनाथ जी त्रिपाठी – एम. डी. वेद सासीमैकेनिका प्रा.लि., कानपुर
संस्थान के प्रमुख स्तम्भ
विशिष्ट वैज्ञानिक अतिथि
प्रधान सार्वदेशिक सभा – श्रीमान् सुरेशवन्द्र जी आर्य
प्रमुख डॉलर फाउण्डेशन – श्रीमान् दौनदयाल जी गुप्ता
न्यायमूर्ति श्रीमान् सज्जनसिंह जी कोठारी – (पूर्व लोकायुक्त, राजस्थान)
प्रतिष्ठित रक्षा वैज्ञानिक डॉ. विकास जी सक्सेना – (पूर्व निदेशक, डी. आर. डी. ओ..
सारस्वत अतिथि
डॉ. रामप्रकाश जी वर्णी (गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार)
डॉ. सीहेच् नागराज जी (राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, तिरुपति)
कर्नल श्रीमान् पूरन सिंह जी राठौड़ (जयपुर)
प्रतिष्ठित रक्षा वैज्ञानिक डॉ. रामगोपाल जी (पूर्व निदेशक, डी. आर. डी. भी..)
प्रो. सन्दीप कुमार सिंह (ओ.पी. जिन्दल विश्वविद्यालय, सोनीपत)
प्रो. आशुतोष कुमार जी (मगध विश्वविद्यालय, बोध गया, विहार)
डॉ. वेद प्रकाश जी आर्य (क्षेत्रीय संस्थान, अजमेर)
मानद संरक्षक गण
श्रीमान् अर्जुन सिंह जी देवड़ा (पूर्व मन्त्री, राजस्थान सरकार)
श्रीमान् डॉ. समरजीत सिंह जी (विधायक, भीनमाल)
श्रीमान् जोगेश्वर जी गर्ग (मुख्य सचेतक, राज. विधान सभा) श्रीमान् जीवाराम जी चौधरी (विधायक, सांचौर)
श्रीमान् ठा. गोपाल सिंह जी (भीनमाल)
श्रीमान् नारायण सिंह जी देवल (पूर्व विधायक, रानीवाड़ा)
श्रीमान् कुँवर भवानी सिंह जी (सलाहकार सदस्य, रेलवे मण्डल, जोधपुर)
श्रीमान् ठाकरा राम जी चौधरी (पूर्व जिला प्रमुख, जालीर)
विशिष्ट अतिथि
श्रीमान् प्रकाश जी आर्य – (प्रधान, मध्य भारतीय आर्य प्रतिनिधि सभा, भोपाल)
श्रीमान् किशनलाल जी गहलोत – (प्रधान, आर्य प्रतिनिधि सभा, राजस्थान)
श्रीमान् जयसिंह जी गहलोत – (प्रधान, आर्य प्रतिनिधि सभा, राजस्थान)
डॉ. जितेन्द्र जी नागर – (निदेशक, पीएसयू एच. एल. एल. मेडिपार्क)
श्रीमान् राजेन्द्र सिंह जी – (पूर्व आयकर आयुक्त, जयपुर)
डॉ. सत्यमित्र जी आर्य – (पूर्व महानिदेशक, चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग, उ.प्र.)
श्रीमान् विनीत कुमार जी आर्य – (मुख्य सतर्कता अधिकारी, नेपानगर, म.प्र.)
श्रीमान् सुमन दास जी (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, असम)
कवि डॉ. बद्री विशाल जी (व्याकरण-दर्शनाचार्य, काशी)
श्रीमान् अशोक जी आर्य (अध्यक्ष, सत्यार्थ प्रकाश न्यास, उदयपुर)
आचार्य नरेन्द्र जी मैत्रेय (सोनीपत, हरियाणा)
स्वामी ओमानन्द जी (गाजियाबाद)
श्रीमान् राकेश जी उपाध्याय (इन्दौर)
श्रीमती राधाबिहारी जी आर्यों (नौदरलैंड)
श्रीमान् ऋषिराज जी (बठिण्डा, पंजाब)
श्रीमान् सुरेश जी जैन (सी.ए.. मुम्बई)

वक्तागण
मुख्य वक्ता: आचार्य अग्निव्रत जी नैष्ठिक (संस्थापक प्रमुख, श्री वैदिक स्वस्ति पन्था न्यास)
अन्य वक्ता : श्री विशाल जी आर्य (प्राचार्य, श्री वैदिक स्वस्ति पन्था न्यास)
डॉ. मधुलिका जी आर्या (उप प्राचार्या, श्री वैदिक स्वस्ति पन्था न्यास)
प्रो. भूपसिंह जी (से.नि. प्रोफेसर भौतिकी, भिवानी)
मंच संचालक
डॉ. मोक्षराज जी आर्य (अजमेर)
भजनोपदेशक
श्रीमान् पं. केशवदेव जी आर्य – (सुमेरपुर)
09 नवम्बर, शनिवार
09:00 AM – 01:00 PM – यज्ञ, भजन एवं व्याख्यान
08:00 PM – 10:00 PM – आचार्य प्रेमभिक्षु व्यक्तित्व एवं कृतित्व (जन्मशताब्दी वर्ष)
03:00 PM – 06:00 PM – व्याख्यान
10 नवम्बर, रविवार
08:00 AM – 09:00 AM – यज्ञ व भजन
03:00 PM – 06:00 PM – व्याख्यान
10:00 AM – 01:00 PM – व्याख्यान
08:00 PM – 10:00 PM – शंका समाधान
11 नवम्बर, सोमवार
08:00 AM – 09:00 AM – यज्ञ व भजन
10:00 AM – 01:00 PM – वैज्ञानिक एवं विद्वत् सम्मेलन
पंजीकरण करें
पंजीकरण शुल्क प्रति व्यक्ति ₹500/- मात्र –
- यह पंजीकरण शुल्क आर्थिक सहयोग के रूप में नहीं है, बल्कि यह केवल आगन्तुकों की संख्या सुनिश्चित करने के लिये ही रखा गया है।
नोट :
✔ न्यासी, सहयोगी संरक्षक एवं विशेष आमन्त्रित सदस्यों को आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है।
✔ सभी महानुभावों के आवास एवं भोजन की व्यवस्था संस्था द्वारा निःशुल्क की जाएगी।
✔ संगोष्ठी का विस्तृत विवरण बाद में प्रकाशित किया जायेगा।
निवेदक
डॉ. टी. सी. डामोर (पूर्व कुलपति व से.नि. आई.जी. पुलिस)
मन्त्री, श्री वैदिक स्वस्ति पन्था न्यास, भागलभीम
कार्यक्रम स्थल
श्री विजय पताका महातीर्थ (महालक्ष्मी धाम)
सिरोही से 4 कि.मी. दूरी पर, शिवगंज हाईवे रोड़, सिरोही, राजस्थान
सहयोग करें
सज्जनो ! हम कार्यक्रम में यथासम्भव आपको उचित सुविधाएँ देने का प्रयास करते हैं। इस बार हमारी आर्थिक स्थिति चिन्ताजनक है, इस कारण आप सभी अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार अधिक से अधिक आर्थिक सहयोग अवश्य करें, ऐसी आपसे अपेक्षा है। कृपया नैतिक व्यवसाय द्वारा प्राप्त धन ही दान करें।
UPI: 9829148400@upi
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‘न्यास को दिया गया दान आयकर अधिनियम की धारा 80-जी के अन्तर्गत करमुक्त है।’
सम्पर्क करें
नरेश चौधरी – कार्यालय सचिव, 9829148400, 9672548851
गुलाब सिंह राजपुरोहित – संयोजक , 9413079400, 9929952172
अभिषेक आर्य – संयोजन सचिव , 9414588785, 8209050195










