दर्शन योग धाम द्वारा संचालित
‘व्याकरण’ महाविद्यालय
का प्रारम्भ
(आर्ष पाणिनीय व्याकरण तथा ऋषिकृत ग्रन्थों के अध्ययन का अवसर )
महानुभावो !
दर्शन योग धाम, संस्कृतिवन, लाकरोड़ा, गुजरात में सर्व प्रथम ‘व्याकरण महाविद्यालय’ का प्रारम्भ किया जा रहा है। जिसमें उच्च-स्तर के वैदिक विद्वानों के निर्माण हेतु प्रवेश प्रारम्भ है ।
विशेषताएँ
प्रत्येक ब्रह्मचारी को विद्यालय में भोजन, वस्त्र, आवास घी – दूध – फल, आसन, पुस्तक, चिकित्सा आदि की उत्तम निःशुल्क व्यवस्था है ।पाणिनीय व्याकरण आदि अध्ययन के साथ प्रतिदिन प्रातः सायं उपासना, यज्ञ, वेदपाठ, वेदस्वाध्याय, आत्मनिरीक्षण आदि होते है ।• क्रियात्मक योगप्रशिक्षण के माध्यम से विवेक – वैराग्य, स्व – स्वामि – सम्बन्ध -ममत्व को हटाना, ईश्वर प्रणिधान, मनोनियन्त्रण, यमनियम पालन, ध्यान, समाधि आदि विषयों का प्रशिक्षण भी दिया जाता है । आध्यात्मिक उन्नति हेतु प्रतिदिन कुछ काल मौन का पालन भी कराया जाता है । प्रवेश हेतु योग्यता – प्राचीन आर्ष विद्या अध्ययन में रुचि । न्यूनतम 10 वीं कक्षा या समकक्ष तक की योग्यता । • आयु 16 वर्ष से अधिक। * केवल अविवाहित पुरुष । अनुशासन पालन में श्रद्धा । वैदिक धार्मिक विद्वान् व योगाभ्यासी बनने की अभिरुचि । प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्णता ।
आवेदन व संपर्क हेतु पता :
दर्शनयोग धाम
वैदिक संस्कृति व गुरुकुलीय शिक्षा की सुरक्षा तथा संवृद्धि हेतु समर्पि
संस्कृति वन, केनल रोड, लाकोड़ा, ता माणसा जिला गांधीनगर – 232835 (गुजरात)
मोबाइल: + 91-9409615011, 8200915011 darshanyog@gmail.com | https://www.darshanyog.org










