क्यों नहीं व्यापार करते आप असली नाम से।

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क्यों नहीं व्यापार करते आप असली नाम से।

क्यों नहीं व्यापार करते आप असली नाम से।
छल -प्रपंचों से भरी क्यों जिन्दगी कुहराम से।

आप जैसा दोगलापन दुनियाभर में है कहां,
राम को दे गालियां सब कुछ कमाते राम से।

एक दिन ज्वालामुखी लावा करेगा राख सब,
आपके हित में यही है काम रख निज काम से।

मर्म हिन्दू राष्ट्र का समझा दिया है कोर्ट ने,
राम से तो हार बैठे,हारना अब श्याम से।

बोल बम बम बोल बम बम,हम स्वयं बम बन गये,
हम जला कर चाम बैठे,अपनी भादो-घाम से।

यह सनातन सत्य वैदिक भूमि है आर्यत्व की,
हम कभी डरते नहीं हैं झूठ के संग्राम से।

जानवर भी श्रेष्ठ हैं तुम से तो जग भर में सुनो ,
सिर्फ क्यों हैवानियत ही सीख ली सद्दाम से।

आम से मिलता नहीं है खास तेवर आपका,
आप किंचित भी नहीं हैं कम उमर खय्याम से।

आप हैं कैसे मनीषी सोच कर यह देखिए,
व्यर्थ ही उलझा नहीं करते कभी आवाम से।