भगत भगवान् के संकट से

0
18

भगत भगवान् के संकट से

भगत भगवान् के संकट से,
डर जाया नहीं करते
वो हर दु:ख हँसते सहते हैं,
वो घबराया नहीं करते

बड़ी दुश्वार है घाटी,
भयंकर राग-भक्ति का
जो बुजदिल हैं वो इसमें,
दान में आया नहीं करते

रहे हर हाल में खुश वो
गरीबी में नहीं रोते
मिले जो बादशाही तो
वो इतराया नहीं करते

दुखी देखे किसी को वो तो
दिल उनका तड़पता है
किसी भी शरण आए तो
वो ठुकराया नहीं करते

जान चली जाये तो चली जाए
ना जाये वचन खाली
कदम धर धर्म की राह से
पलट जाया नहीं करते

भगत भगवान् के संकट से,
डर जाया नहीं करते
वो हर दु:ख हँसते सहते हैं,
वो घबराया नहीं करते

स्वर :- सुश्री नम्रता जी सोनी, चंडीगढ़