मिलकर आओ दीप जलाएं

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मिलकर आओ दीप जलाएं

मिलकर आओ दीप जलाएं,
मिलकर आओ दीप जलाएं।
पावन है यह पर्व हमारा,
इसकी गरिमा मिलके बचाएँ ।।

चलो दीप से दीप जलाकर,
भावी पीढ़ी को सीख सीखाएँ।
अज्ञान अविद्या मानव के उर से,
अवनी अम्बर से दूर भगाएँ॥
सहिष्णुता की,सद्भावों की,
उर-उर में आभा जलाएँ।
मिलकर…॥

दुरित त्याग कल्याण आचरण,
जन-जन का हो लक्ष्य महान्।
जले दीप जगती में ऐसी,
फैले घर-घर में सद्ज्ञान॥
बम-पठाखे की नहीं प्रेम की,
ताली चलो बजाएं।
मिलकर… ॥

आओ दीप जलाएं ऐसी,
अन्याय अनय तम दूर हो।
अभयारण्य बनें यह भूतल,
जन-जन में प्रेम भरपूर हो॥
मानवता के रक्षण का,
आओ संकल्प बनाएं।
मिलकर… ॥

-लेखक एवम् सम्पादक
पं० रामदेव प्रसाद शास्त्री
संस्थापक प्रधानाचार्य, दयानन्द आर्य विद्यालय
वेदोपदेशक,आर्य समाज डाल्टनगंज