देश निवासी हर नर नारी
देश निवासी हर नर नारी,
अपना फर्ज निभाओ रे
इस उजडे अपने भारत को
स्वर्ग समान बनाओ रे । टेक ।।
हजारों साल गौरों के हाथ में
अपना देश बर्बाद हुआ
कुछ वीरो के बलिदानों से
मुद्दत में आजाद हुआ
गौरव मय इतिहास पुराना,
आओ फिर दोहराओ रे।।1।।
बल में अक्ल में भूमण्डल में
चमका कभी सितारा था
गुरु मान पूजा दुनिया ने
विद्या का भन्डारा था
सकल विश्व में फिर इसको
वो ही स्थान दिलाओ रे।।2।।
भुखमरी और बेरोजगारी
मिटे दूर कंगाली हो
रोटी कपड़ा मकान हो सब पर,
घर-घर में खुश हाली हो।
मेहनत करना धर्म समझकर
पैदावार बढ़ाओं रे।।3।।
प्रेमी वीरो जात-पात का
दिल से दूर गरूर करो
ऊंच नीच का भेद मिटाकर
फिरका परस्ती दूर करो
रिश्वत खोरी चोरबाजारी
भ्रष्टाचार मिटाओं रे।।4।।










