ए दुनिया के रखवाले हमें दुखों से छुड़ा
ए दुनिया के रखवाले हमें दुखों से छुड़ा
ए जगत रचने वाले हमें दुखों से छुड़ा
धारा में डोल रही जीवन की नैया
उठ रहे तूफान पास बली ना खिवैया
बचैया प्राणों के तुम्ही प्राण दो बचा।।1।।
दुनियां के सहारे टूटे तेरा है सहारा
तेरे बिना ईश्वर यहां कोई ना हमारा
प्यारा नाति सखा स्नेहि बाप तू ही मां ।।2।।
विद्या के सागर हो तुम विद्या का दान दो
आप हो बलवान, हमें भी बना बलवान दो
ज्ञान दो भगवान दे दो सुख सम्पदा ।।3।।
बुराईयों से शोभाराम हमको बचा दो
मुक्ति के रास्ते पर हमको लगा दो
उठाते गिरतों को आप हमने यह सुना।।4।।










