🙏 आज का वैदिक भजन 🙏 0564
Where are you in hiding oh GOD !!! Why can’t I find you, in fact what close do you live for us human beings to use where by we can confess to face with you. Everytime I am born, I keep visiting places of Sacred Pilgrimage. I haven’t yet found you and I haven’t stop being born GOD, I am born and die again and again and my objective remains unfulfilled. The beautiful thing is the sun moon and stars get their light from you but ahh GOD !!! my mind is always dark. Where are you and why can’t I find you and your light, can you give me a clue? दुनिया बनाने वाले जाने तू छिपा है कहाँ
जाने तू छिपा है कहाँऽऽऽऽ
दुनिया बनाने वाले
जाने तू छिपा है कहाँ
दुनिया बनाने वाले
जाने तू छिपा है कहाँ
कैसे ढूँढे कोई तुमको
नहीं कदमों के भी निशां
दुनिया बनाने वाले
जाने तू छिपा है कहाँ
मैं तो घूमाऽऽऽऽ
मैं तो घूमा
नगर नगरिया
मैंने छानी
डगर डगरिया
फिर भी पता लगा ना तेरा
मेरा खतम हुआ ना फेरा
ऐसा खेल खिलाने वाले
जाने तू छिपा है कहाँ
दुनिया बनाने वाले
जाने तू छिपा है कहाँ
तेरी ज्योति से ऽऽऽऽ
तेरी ज्योति से
सूरज चमके
चन्दा तारे भी
तुझसे ही चमके
फिर क्यों मेरे मन अँधियारा
प्रभु जी कैसे हो उजियारा
जग मग ज्योत जगाने वाले
जाने तू छिपा है कहाँ
दुनिया बनाने वाले
जाने तू छिपा है कहाँ
ये मैं जानूँ ऽऽऽऽ
ये मैं जानूँ
तू सब देखे
तेरे पास हैं सारे लेखे
तेरे पास मैं कैसे आऊँ
कैसे मुक्ति का सुख पाऊँ
सबको खेल खिलाने वाले
जाने तू छिपा है कहाँ
दुनिया बनाने वाले
जाने तू छिपा है कहाँ
कैसे ढूँढे कोई तुमको
नहीं कदमों के भी निशां
दुनिया बनाने वाले
जाने तू छिपा है कहाँ
डॉ. सतीश प्रकाश जी व उनके सदस्य गण -जमैका- गुयाना न्यूयॉर्क
उल्लेखनीय है की डॉ सतीश प्रकाश जी का रविवार सत्संग महर्षि दयानन्द गुरुकुल जमैका से सीधा प्रसारण फेसबुक पर देखने योग्य है | छोटे-छोटे बच्चे, सुसज्जित परिवार सहित नर-नारी बहुत ही अच्छे लगते हैं | सब आनन्द से मन्त्र पाठ करते हैं और गीत गाते हैं | कृपया एक बार समय निकाल कर रविवार के दिन भारत के जब आठ बजें तब अवश्य देखें | डॉ सतीश प्रकाश जी https://www.f acebook.com/satish.prakash.12 यहाँ उपलब्ध हैं | धन्यवाद – विश्वप्रिय वेदानुरागी


















