‘ओम् जपो जग पालनहारा।’
‘ओम् जपो जग पालनहारा।’
जीवन में होवे उजयारा ।
ओम् नाम है प्रभु का प्यारा।
इस दुनियाँ में सब से न्यारा ।
हर प्राणी का एक सहारा।
ओम् जपो जग पालनहारा…
जो जड़ चेतन जगत् बनावे ।
अनुशासन में इस को चलावे ।
अन्त प्रलय में भी पहुँचावे ।
ओम् जपो जग पालनहारा…
वेद शास्त्र शुभ महिमा गावें।
साधु सन्त योगी जन ध्यावें।
मन मन्दिर में ज्योति जलावें ।
ओम् जपो जग पालनहारा…
सर्व न्याय प्रद भूप वही है।
अखिल असीम अनूप वही है।
‘पथिक’ आनन्द स्वरूप वही है।
ओम् जपो जग पालनहारा…










