शिवरात आज है आयी
शिवरात आज है आयी,
सन्देश ऋषि का लाई ।।
शिव मन्दिर में चतुर्दशी को,
चूहे से हुआ बोध ऋषि को
ईश्वर चिन्ता छाई ।।….
मिटी न थी अभी चिन्ता मन की,
हुई अचानक मौत बहन की।
मूल उठे घबराई ।।….
मृत्यु के संग युद्ध करन को,
घर से चले ईश खोजन को।
छोड़ कुटुम्ब और भाई ।।….
नेत्रहीन विरजानन्द स्वामी,
ऋषि के थे गुरु अंतर्यामी।
जिनसे शिक्षा पाई ।।….
काल बली को वश में कर के,
वेदों का प्रचार भी करके ।
महर्षि ‘पदवी पाई।।…
दयानन्द ने देश जगाया,
आपस का मतभेद मिटाया।
विष पी करी भलाई ।।…










