तू तो’ बना नहीं इंसान
तू तो’ बना नहीं इंसान,
कैसे मिलें तुझे भगवान
कीनी अपनी ना पहचान,
कैसे मिलें तुझे भगवान ।।
भीतर भरा ईर्ष्या द्वेष,
करता पापाचरण हमेश।
हरदम परनिन्दा का ध्यान।।
कैसे मिलें …..
शक्ति धन विद्या जो पायी,
पूंजी उल्टी ओर लगायी
भूला निर्मल वैदिक ज्ञान ।।
कैसे मिले……
पूजे कबर ईंट पाषाण,
जिसका भला नहीं परिणाम।
खोया गौरव-स्वाभिमान।।
कैसे मिलें ……
जो हैव्यापक और अविनाशी,
खोजे उसको मक्के काशी।
भटके दर दर हो हैरान।।
कैसे मिले……
सच्चा सेवा धरम भुलाया,
ईश्वर आज्ञा को ठुकराया।
छोड़ा ना मिथ्या अभिमान ।।
कैसे मिले …..
अमृत घट में विष भर डाला,
चंचल मन को न संभाला
हो कर देश ऋषि संतान ।।
कैसे मिले…..










