हे जगत् पिता भगवान् हमें दो ज्ञान।

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हे जगत् पिता भगवान् हमें दो ज्ञान।

हे जगत् पिता
भगवान् हमें दो ज्ञान।
तू ईश्वर प्यारा,
दुनियां में एक सहारा।।
बचपन में होश न आया है,
जीवन में पाप कमाया है।
अब जाऊं कहाँ,
विषयों ने मुझे मारा।। दुनियां में…

दिल मेरा तो यह कहता है,
तू मन-मंदिर में रहता है।
दिन-रात भटकता रहा,
मैं दर-दर मारा।। दुनियां में…

पापों से भगवन् हमें बचा,
वेदों का सच्चा भक्त बना।
पाखण्ड झूठ से सब ही
करें किनारा।। दुनियां में…

मंझधार में है बेड़ा मेरा,
कृपा कर आश्रय है तेरा।
‘नन्दलाल’ पाप में बीता
जीवन सारा ।। दुनियां में…

न कुछ हंस के सीखा,
न कुछ रोके सीखा है
जो कुछ जिसने सीखा है,
किसी का होके सीखा है।।