महर्षि दयानन्द सरस्वती के जीवन के प्रमुख बिंदु
- जन्म का नाम -मूलशंकर
- जन्म का स्थान – टंकारा, मोरवी
- पिता का नाम – कर्षण जी तिवारी
- माता का नाम – यशोदा
- बोध स्थल – शिव मंदिर, टंकारा
- ब्रह्मचर्य दीक्षा के बाद नाम – शुद्ध चैतन्य
- संन्यास दीक्षा के बाद नाम – दयानन्द सरस्वती
- संन्यास दीक्षा देने वाले का नाम – स्वामी पूर्णानंद
- गुरु का नाम – स्वामी विरजानंद दण्डी
- गुरु की कुटिया का स्थान – मथुरा
- गुरु आज्ञा से यमुना नदी में प्रवाहित – अनार्ष ग्रंथ
- गुरु दक्षिणा हेतु प्रस्तुत वस्तु – लौंग
- प्रथम रचना (पुस्तक) – संध्योपासना
- पाखंड खंडिनी पताका का स्थल – कुंभ मेला हरिद्वार
- मठ के स्वामित्व का अस्वीकरण – ओखी मठ
- काशी शास्रार्थ स्थल – आनन्द बाग, काशी
- आर्य समाज स्थापना स्थल – कांकड़वाड़ी, गिरगांव, मुंबई
- प्रमुख रचना (पुस्तक) – सत्यार्थ प्रकाश
- प्राण हरण प्रयासों की संख्या – 44
- अंतिम विषपान स्थल – फैजुल्ला खान कोठी
- देहावसान – भिनाय कोठी, अजमेर
- उत्तराधिकारिनी सभा – परोपकारणी सभा
महर्षि दयानन्द सरस्वती जी की 200वीं जन्म जयंती वर्ष के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं सप्रेम नमस्ते ।










