प्रकाशित हृदय में ईश्वर भक्त के समाए

0
10

प्रकाशित हृदय में ईश्वर भक्त के समाए

साँचा रूप साँचा रंग मन में दिखाए ॥ प्रकाशित हृदय में…

दिव्य रूप तेरी ज्योति । हर दिशा में तेरी कीर्ति

एक ओ३म् का ही ध्यान, मुक्ति पथ दिखाए । सांचा रूप सांचा रंग…

ज्ञानियों के शुद्ध मनों में, साधकों के चिन्तनों में

मेरी आस मेरे श्वास, तुझमें समाये । सांचा रूप सांचा रंग…

तू अनादि तू अनन्त, ध्याएँ ऋषि साधु सन्त

तू ही इन्द्र ब्रह्मा विष्णु, वेद महिमा गाए। सांचा रूप सांचा रंग…

तर्जु: मंदिराच्या अंतरात देव