जननी जन्म भूमि यह मेरी जग में स्वर्ग समान
जननी जन्म भूमि यह मेरी
जग में स्वर्ग समान,
भूमण्डल के सब देशों में
मेरा देश महान है
यह भारत प्यारा,
दुनिया से न्यारा । टेक।
आदि सृष्टि रचना का
रचन ईश्वर ने यही किया है।
विशेष प्राकृतिक सौदर्य से
इसको सजा दिया है।
तीन तरफ जल एक तरफ
प्रहरी हिमगिरी चट्टान,
एक साल में छः ऋतुओं का
मिला विषद वरदान।।
यह मेरा भारत………..
सोना, चांदी, जवाहारात,
नव रतन भरे कण कण में,
जीवन देने वाली औषध
संयत सुगन्ध सुमन में।
झरने, झील, टील, नदी,
नाले, हरियाले मैदान,
समय समय पर यहाँ अवतरित हों,
योद्धे और विद्वान ।।
यह मेरा भारत………
वीर भोग्या वसुन्धरा
यह भूमि है वीरों की,
ऋषि मुनि, योगी,
ब्रह्मचारी देश धर्म धीरों की।
सृष्टि के उपभोग का
साधन सरल ज्ञान विज्ञान,
दे रहे नित्य सन्देश
विश्व को यहाँ वेद भगवान ।।
यह मेरा भारत……..
प्रेमी मातृभूमि भारत में
जन्मे बड़े हुये हम,
इसकी पवित्र धूलि में
घुटनों चल कर खड़े हुये हम।
गोरे काले लम्बे छोटे
सब इसकी सन्तान,
तन मन धन जीवन
अर्पण कर रखें माँ की शान।।
यह मेरा भारत……….
प्रगति गीत
सादा जीवन उच्च विचार
ये हैं उन्नति के आधार
मधुर वचन और हृदय उदार
सिखलाते हैं शिष्टाचार
श्रेष्ठ कर्म और पर उपकार
समझो ये जीवन का सार
गूंथे कर्म वचन मन हार
आत्म ज्ञान का हो विस्तार
प्रेमी उपजे सात्विक प्यार
होवे प्रजा तन्त्र साकार










