जग में महान आत्मा आती कभी-कभी ।

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जग में महान आत्मा आती कभी-कभी ।

जग में महान आत्मा
आती कभी-कभी ।
भूले हुओं को मार्ग-
बतलाती कभी-कभी ।।

अनेकों राग रागिनी
गाते व सुनते हैं।
लेकिन दसों दिशायें
तो गाती कभी-कभी ।। 1।।

कल्याणकारी बातें,
तुम सुनते नित रहो।
हृदय पटल पै बात जम
जाती कभी-कभी । ।2।।

यूँ तो हम पैदा होकर
यहीं पर बड़े हुए।
पर ईश्वर की सृष्टि तो,
भाती कभी-कभी।।3।।

‘प्रेमी’ जो कर्महीन बस
पैदा हुये मरे।
माता भी पैदा करके
पछताती कभी कभी ।।4।।