भारतवर्ष से निराला कोई देश नहीं।
भारतवर्ष से निराला
कोई देश नहीं।
ऐसा आन बान वाला
कोई देश नहीं ।। टेक ।।
हिमगिरी पहरी पहरा देता।
मुकुट तुषार हृदय हर लेता।
ऐसे ऊँचे पर्वत वाला
कोई देश नहीं ।। १ ।।
गंगा यमुना सी सरिताएँ ।
निर्मल शीतल नीर बहाएँ
ऐसा मन भावन हरियाला
कोई देश नहीं ।। २ ।।
प्रिय बसन्त हेमन्त मनोरम ।
वर्षा शिशिर शीत और ग्रीष्म ।
ऐसी छः छः ऋतुओं वाला
कोई देश नहीं ।। ३ ।।
जन्में जहाँ प्रताप शिवाजी ।
दयानन्द गान्धी नेताजी ।
ऐसा लाल बहादुर वाला
कोई देश नहीं ।। ४ ।।
जग में ज्ञान ‘प्रकाश’ किया है।
पीड़ित जन को शरण लिया है।
ऐसा सत्य धर्म वाला
कोई देश नहीं ।। ५ ।।










