मिली हमें आजादी,दया है दयानन्द की ।।

0
33

मिली हमें आजादी,
दया है दयानन्द की ।। टेका।
मिली. भारत देश गुलाम यहां था,
अन्धकार में डूबा।

फिर से ज्योति जलादी,
दया है दयानन्द की ।।१।।
मिली……

देशोन्नति के साधन सारे,
लिख गये ऋषिवर प्यारे।
सब बातें समझा दी,
दया है दयानन्द की ।।२।।
मिली………

ऊंच नीच का भेद मिटाया,
मानव एक बताया।
सुन्दर समानता ला दी,
दया है दयानन्द की ।।२।।
मिली……

ऋषिवर का यह कथन सुनो,
समान स्वदेशी लायें।
देश की ज्योति जला दी,
दया है दयानन्द की ।।३।।
मिली…….