अमर है जहाँ में शहीदों की कहानी।

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अमर है जहाँ में शहीदों की कहानी।

अमर है जहाँ में शहीदों की कहानी।
याद दिलाए आये आँखों में पानी ॥

आज के दिन मिलके कसमें ये खाएं।
हम भी वतन के ऊपर मर मिट जाएं-
वरना अधूरी है ये जिन्दगानी….।

वीर भगतसिंह फांसी पे झूला।
फांसी का फन्दा उसने हंस-हंस चूमा
उस वीर ने दी अपनी जवानी….।

लाला लाजपतराय का था वो जमाना।
खाई थी लाठियाँ मगर उफ तक किया ना-
याद रहेगी उनकी कुर्बानी….।