दुनिया में रहने वाले क्या तुझको ये खबर है।

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दुनिया में रहने वाले क्या तुझको ये खबर है।

दुनिया में रहने वाले,
क्या तुझको ये खबर है।
दो दिन की जिन्दगी है,
पल भर का ये सफर है॥

मरने से पहले तोबा,
अपने गुनाह से करले।
अनजान मान जा तूं
राहे खुदा पे चल दे।
मरने के बाद तेरा
मुश्किल बहुत सफर है-दो दिन की…..।

जीना जो चाहते थे,
वो भी तो जी ना पाए।
घर बार छोड़के सब
मिट्टी में जा समाए ॥
कल तेरा मेरा सबका
अंजाम ये हसर है-दो दिन की….।

आँखों ने तेरी तुझको,
कितने दिखाये मुर्दे।
कन्धों पे तूने अपने,
कितने उठाये मुर्दे।
फिर भी बना है अन्धा,
जब के तेरी नजर है-दो दिन की….।

जब मौत ने पुकारा,
कुछ भी ना काम आया।
जाते हुओं को देखो,
कोई ना रोक पाया ॥
सच्चाई से तू इसकी क्यूं
आज बेखबर है-दो दिन की….।

मत नाज कर तू अपने,
एहबाब दोस्तों पे।
लोट आएंगे ये तुझको
बस खाक में मिलाके।
तेरा वहाँ ना कोई, हम दम ना
हम सफर है-दो दिन को….।