भूख बड़ी-भूख बड़ी, भूख बड़ी दुखदाई

0
41

भूख बड़ी-भूख बड़ी, भूख बड़ी दुखदाई

भूख बड़ी – भूख बड़ी
भूख बड़ी दुखदाई
हाँ कष्ट भरी असहायी
हाँ यह कष्ट भरी असहायी

देख दु:खी तो भूखा पड़ा है
विषम अवस्था में तड़प रहा
पथराई आँखों से देखे
कोई तो उसका मित्र होगा
पत्थर दिल तो पत्थर ही रहा
भूख बड़ी – भूख बड़ी
भूख बड़ी दुखदाई
हाँ कष्ट भरी असहायी
हाँ यह कष्ट भरी असहायी

अन्न अभिलाषी को अन्न खिला दे
चाहे तो कुछ भी और दिला दे
भाव अराति त्याग दे स्वार्थी
दर्द भरे कुछ भाव जगा ले
दया सान्त्वना सम्वेदन को जगा
भूख बड़ी – भूख बड़ी
भूख बड़ी दुखदाई
हाँ कष्ट भरी असहायी
हाँ यह कष्ट भरी असहायी

जहाँ मिलेगी तुझे वाहवाही
वहाँ तू बनना चाहे महान्
ऐसे दान का लाभ ही क्या है?
अहंकार का है परिणाम
आडम्बर करना दिखावा
भूख बड़ी – भूख बड़ी
भूख बड़ी दुखदाई
हाँ कष्ट भरी असहायी
हाँ यह कष्ट भरी असहायी

वेद कहे यह तो हैं अदाता
दूर ही रहना उनसे उचित
उनके घर को घर ना माने
जिनके शुष्क हैं मन और चित्त
व्यर्थ हैं उनके अन्न धन-धान्य
भूख बड़ी – भूख बड़ी
भूख बड़ी दुखदाई
हाँ कष्ट भरी असहायी
हाँ यह कष्ट भरी असहायी