दया कर दया कर, प्रभु हर घड़ी
दया कर दया कर, प्रभु हर घड़ी
करे पल में हल तू ही, मुश्किल घड़ी
तेरा नाम उत्तम है, एक ओ३म् का
की है जिसमें वर्णन तेरे गुण अपार
तू ही इस जगत् का, प्रभु है आधार
है कुदरत तेरी, हर जो अमृत भरी
दया कर दया कर, प्रभु हर घड़ी
करे पल में हल तू ही, मुश्किल घड़ी
ऋषि तेरी भक्ति में आते हैं डूब
सदा ओ३म् ही ओ३म् गाते हैं वो
हर इक ओ३म् की रट लगाते हैं वो
कि है ओ३म् में उनकी श्रद्धा बड़ी
दया कर दया कर, प्रभु हर घड़ी
करे पल में हल तू ही, मुश्किल घड़ी
नहीं नाड़ी और नस के बन्धन में आता
नहीं जन्म लेता, नहीं दुःख उठाता
सकल विश्वकर्त्ता तू, घट-घट समाता
है शक्ति से जगभर की रचना करी
दया कर दया कर, प्रभु हर घड़ी
करे पल में हल तू ही, मुश्किल घड़ी
महादेव देवों का तू देव स्वामी
तेरे आश्रय जड़ व चेतन तमामी
तू है पूर्ण ज्ञानी नहीं कोई खामी
है बेअन्त शक्ति व कारीगरी
दया कर दया कर, प्रभु हर घड़ी
करे पल में हल तू ही, मुश्किल घड़ी
है बेअन्त महिमा व बेअन्त नाम
नहीं मेरी शक्ति, बखानू तमाम
परन्तु अधिक सबसे है ओ३म् नाम
मनाने से इसको मिली बढतरी
दया कर दया कर, प्रभु हर घड़ी
करे पल में हल तू ही, मुश्किल घड़ी
हुए जग में लाखों करोड़ों सयाने
ज्ञानी ध्यानी जिन्हें जग ये माने
गये हार सारे नहीं भेद जाने
हुए देख हैरान रचना तेरी
दया कर दया कर, प्रभु हर घड़ी
करे पल में हल तू ही, मुश्किल घड़ी
तू बेअन्त सागर कठिन तेरा तरना
असम्भव है सागर का लोटे में भरना
जिकर बहुत मुश्किल है वाणी से करना
है बेअन्त कहने में ही बेहतरी
दया कर दया कर, प्रभु हर घड़ी
करे पल में हल तू ही, मुश्किल घड़ी
बिना तेरे दाता है किसकी शक्ति
कि संसार सागर से देवे जो मुक्ति
सिवा ओ३म् भक्ति नहीं कोई युक्ति
तेरी गोद है केवल आनन्द भरी
दया कर दया कर, प्रभु हर घड़ी
करे पल में हल तू ही, मुश्किल घड़ी
सकल जग को पैदा तूने किया
दिया हम पे सुखों का दरिया बहा
तू शुद्ध रूप परमेश्वर है सदा
तू निर्मल, नहीं मैल तुझमें जरी
दया कर दया कर, प्रभु हर घड़ी
करे पल में हल तू ही, मुश्किल घड़ी
करो दूर दुर्गुण हमारे प्रभु
बुरे कर्म और पाप सारे प्रभु
रहे हम कुसंगत से न्यारे प्रभु
रहे नाम की तेरी मस्ती चढ़ी
दया कर दया कर, प्रभु हर घड़ी
करे पल में हल तू ही, मुश्किल घड़ी
दया की करो ईश हम पर नजर
रहे तेरी आज्ञा में जीवन बसर
सदा नेक कामों पे बांधे कमर
भरी नेकियों से हो जीवन लड़ी
दया कर दया कर, प्रभु हर घड़ी
करे पल में हल तू ही, मुश्किल घड़ी
तू प्रकाशकर्त्ता नूरानी प्रभु
चमक में नहीं कोई सानी प्रभु
तू ही चाँद सूरज का बाली प्रभु
है तूने ही बिजली में शक्ति भरी
दया कर दया कर, प्रभु हर घड़ी
करे पल में हल तू ही, मुश्किल घड़ी
गुण तेरे पक्षी प्रातः ही गावे
पशु गीत सारे तुझको ही ध्यावें
खिले फूल फल तेरी महिमा दिखावें
तेरा नाम गाती है खेती हरी
दया कर दया कर, प्रभु हर घड़ी
करे पल में हल तू ही, मुश्किल घड़ी
तू ही एक कर्त्ता है संसार का
तू ही एक ईश्वर है नर-नार का
तेरा सबसे रिश्ता है करतार का
तू ही सबके जाने है खोटी खरी
दया कर दया कर, प्रभु हर घड़ी
करे पल में हल तू ही, मुश्किल घड़ी
तू ही नित्य था और रहेगा हमेश
तू ही ब्रह्मा विष्णु तू ही है महेश
तू ही सूर्य आदि जगत् का नरेश
तेरे आश्रय सारी सृष्टि खड़ी
दया कर दया कर, प्रभु हर घड़ी
करे पल में हल तू ही, मुश्किल घड़ी
तू शुद्ध निर्मल तुझे ही ध्यावें
तेरे प्रेम में अपना जीवन लगावें
केवल तेरे चरणों मे सर को झुकावें
करें प्रीति भक्तों ने जैसी करी
दया कर दया कर, प्रभु हर घड़ी
करे पल में हल तू ही, मुश्किल घड़ी










