एक झोली में फूल भरे हैं

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एक झोली में फूल भरे हैं

एक झोली में फूल भरे हैं
एक झोली में काँटे रे
कोई कारण होगा त

तेरे बस में कुछ भी नहीं
ये तो बाँटने वाला बाँटे रे
कोई कारण होगा

पहले बनती हैं तकदीरे
फिर बनते हैं शरीर
प्रभु की ये है कारीगरी
तू क्यों होता गम्भीर
कोई कारण होगा
एक झोली में फूल भरे हैं
एक झोली में काँटे रे
तेरे बस में कुछ भी नहीं
ये तो बाँटने वाला बाँटे रे
कोई कारण होगा
कोई कारण होगा

धन का बिस्तर मिल जाये पर
नींद को तरसे नयन
काँटों पर भी सोकर आए
किसी के मन को चैन
कोई कारण होगा
एक झोली में फूल भरे हैं
एक झोली में काँटे रे
तेरे बस में कुछ भी नहीं
ये तो बाँटने वाला बाँटे रे
कोई कारण होगा
कोई कारण होगा

नाग भी डस ले
तो मिल जाये
किसी को जीवन दान
चींटी से भी मिट सकता है
किसी का नामोनिशान
कोई कारण होगा
एक झोली में फूल भरे हैं
एक झोली में काँटे रे
तेरे बस में कुछ भी नहीं
ये तो बाँटने वाला बाँटे रे
कोई कारण होगा
कोई कारण होगा

सागर से भी बुझ नहीं सकती
कभी किसी की प्यास
कभी एक ही बूँद से हो
जाती पूरण आस
कोई कारण होगा
एक झोली में फूल भरे हैं
एक झोली में काँटे रे
कोई कारण होगा
कोई कारण होगा
तेरे बस में कुछ भी नहीं
ये तो बाँटने वाला बाँटे रे
कोई कारण होगा
कोई कारण होगा