अदिति के पुत्र हैं वरुण भगवान्
अदिति के पुत्र हैं
वरुण भगवान्,
एक रस हैं अदिति जैसे
वरुण है अखण्डनीय
निर्विकार सब के
प्रणेता हैं अभिराम
अदिति के पुत्र हैं
वरुण है सहस्त्रपुत्र
सबके कल्याणकारी
रहते अखण्डनीय
एक रस धारी
उसी एक रस को प्राप्त
करने के हेतु ही
योग आपसे करना
चाहते हैं नर नारी
इसलिए प्यारे भगवन्
हुए हैं तुम्हारे अर्पण
सामर्थ देना है तुम्हारा ही काम
अदिति के पुत्र हैं
‘पुरुवीर’ वीरता के
उरुशंस नेता तुम ही
मिलता है मार्गदर्शन
समय समय सही
अपनी प्रशंसनीय
गुणावली के गुणों से
हमारे गुणों का भी
गुणन कर दे
वेद ज्ञान के उपदेश का
नेतृत्व कारी नेता
शक्ति मांगते हैं तुमसे
हे शक्तिमान् !
अदिति के पुत्र हैं
वरुण भगवान्,
एक रस हैं अदिति जैसे
वरुण है अखण्डनीय
निर्विकार सब के
प्रणेता हैं अभिराम
अदिति के पुत्र हैं










