युद्ध भूमि में जाके वीर ने नहा घोर संग्राम किया
युद्ध भूमि में जाके वीर ने
नहा घोर संग्राम किया,
छांट-छांट दुश्मनों का,
रण भूमि में काम तमाम किया।
यशवन्त सिंह की मार से
शत्रु सेना भयभीत हुई,
अमिट निशानी आज तलक है,
रणभूमि में जीत हुई।
ऐसी माता ऐसी पत्नी हों,
भारत के घर-घर में,
भारत की पूजा होगी,
फिर सुबह शाम दुनिया भर में।










