योगी आया था वेदों वाले किया उजियाला।

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योगी आया था वेदों वाले किया उजियाला।

योगी आया था वेदों वाले किया उजियाला।
दुनिया में सच्चे ज्ञान का,
वो तो देवता था सारे जहान का ।।

ज्ञान की बहा के गंगा मिला गया वो
अपने ज़िगर के टुकड़ो को ।
मुद्दत से गुलामी थी मिटा गया वो
भारत माँ के दुखडा़े को ।
योगी आया, पाखण्ड ढाया,
लोगो का समझाया ।

ए लोगो, ज़रा ये सोचो
ये कारण ह अज्ञान का ।।
वो तो देवता था …..

आड़ में धर्म की दीन दुखियों पर,
जुल्म गुज़ारे जाते थे ।
अनेको द्रौपदी सरीखी सतियों के,
चीर उतारे जाते थे ।

आठ वर्ष की विधवा रोती –
रो रो आँसू खोती ।
सोती जाति, को आन जगाया
और पूज्य बताया ।
जो कारण था सम्मान का ।।
वो तो देवता था …..

आदि में थी दया अन्त में आनन्द था
नाम भी कितना प्यारा था ।
स्वयं ज़हर पीया अमृत पिला गया
कभी न हिम्मत हारा था ।

ईश्वर भक्ति, की. ही शक्ति,
इतनी शक्ति रखती ।
जगती सारी ने ऋषि पहचाना
और वेदज्ञान माना ।
जो कारण स्वाभिमान का।।
वो तो देवता था …..