शिक्षा
ये नर तन जो तुमको मिला है,
ये गंवाने के काबिल नहीं है।
तेरा हर श्वास अनमोल हीरा,
यूँ लुटाने के काबिल नहीं है।।
पशु जीते जी सेवा कमाऐ,
बाद मरने के भी काम आए।
पर तेरा जिस्म मरकर किसी के,
काम आने के काबिल नहीं है।।
ये नर तन जो तुमको मिला है……
तू कुकर्मों में लट्टू है ऐसा,
खर्च करता उसी पर है पैसा।
मिले बिना मोल अनमोल सत्संग,
जो गंवाने के काबिल नहीं है।।
ये नर तन जो तुमको मिला है..
जो ना समझा तो रोना पड़ेगा,
नर्क में गर्क होना पड़ेगा।
तेरा होगा बुरा हाल ऐसा,
जो बताने के काबिल नहीं है।।
ये नर तन जो तुमको मिला है……










