ये दुनिया बनाना और बना के फिर चलाना

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ये दुनिया बनाना और बना के फिर चलाना

ये दुनिया बनाना
और बना के फिर चलाना
बस उसी का काम है
बड़ा जोरदार उसका इन्तजाम है

ये दुनिया बनाना
और बना के फिर चलाना
बस उसी का काम है
बड़ा जोरदार उसका इन्तजाम है

रात को ही रात
प्रभात को प्रभात
शाम ही को शाम है
बड़ा जोरदार उसका इन्तजाम है
बड़ा जबरदस्त उसका इन्तजाम है

ये दुनिया बनाना
और बना के फिर चलाना
बस उसी का काम है
बड़ा जोरदार उसका इन्तजाम है
बड़ा जबरदस्त उसका इन्तजाम है

जल पे है थल
और
थल पे आसमान है
फिर भी एक दूजे पे
न बोझ के समान है
गज़ब का ये जहान है
बिन खम्बे का मकान है
यहाँ का एक एक कण
उसका गुलाम है
बड़ा जोरदार उसका इन्तजाम है
बड़ा जबरदस्त उसका इन्तजाम है
ये दुनिया बनाना
और बना के फिर चलाना
बस उसी का काम है
बड़ा जोरदार उसका इन्तजाम है
बड़ा जबरदस्त उसका इन्तजाम है
रात को ही रात
प्रभात को प्रभात
शाम ही को शाम है
बड़ा जोरदार उसका इन्तजाम है
बड़ा जबरदस्त उसका इन्तजाम है

चन्द्र सूर्य तारे
अपने धर्म से न टल सके
इन्सान की मजाल क्या जो
उसका क्रम जो बदल सके
इक फूल भी खिले नहीं
इक पत्ता भी हिले नहीं
सारे जहाँ की उसके (1)
हाथ में लगाम है (1)
बड़ा जोरदार उसका इन्तजाम है
बड़ा जबरदस्त उसका इन्तजाम है
ये दुनिया बनाना
और बना के फिर चलाना
बस उसी का काम है
बड़ा जोरदार
बड़ा जबरदस्त
बड़ा जोरदार उसका इन्तजाम है
बड़ा जबरदस्त उसका इन्तजाम है
बड़ा जबरदस्त उसका इन्तजाम है