यदि इन देवियों में, वेद का प्रचार हो जाये
यदि इन देवियों में,
वेद का प्रचार हो जाये
तो बेड़ा डूबता भारत का,
इकदम पार हो जाये ।।
सती सीता सावित्री सी,
बनें जो गार्गी बहनें
फैलायें वेद की शिक्षा,
सुखी संसार हो जाये।।
करें दो काल यह सन्ध्या,
बिठा कर पास बच्चों को
तो आने वाली नस्लों का,
न क्यों उद्धार हो जाये ।।
तुम्हारे गोद में खेलें,
जो अर्जुन भीम से बालक
तो क्यों न दुनियां भर में,
देश यह सरदार हो जाये।।
कहे “नन्दलाल” बहनों अगर,
कौशल्या बन दिखाओ तुम
तो फिर भारत में क्यों न राम
सा अवतार हो जाये ।।










