वेले अमृत दे जागन ओंम प्यारे
वेले अमृत दे जागन ओंम प्यारे
सुत्ते रहदे ने जो आलस दे मारे
अमृत वेला बड़ा सुहाना,
चुपचाप जदों होवे जमाना।
आँहदे प्रेम दुलारे, वेले अमृत दे
जागन ओम् प्यारे ।।१।।
अमृत वेले अमृत बरसे,
दुःख दरिद्र दूरी नसे।
मन वो धीरज धारे वेले
अमृत दे जागन ओम् प्यारे ।।२।।
अमृत वेले अमृत वाणी,
दासी सुनेगी वेदां दी वाणी।
मुंहो ओम् उचारे, वेले अमृत दे
जागन ओम् प्यारे ।।३।।
योगी योग करे तर जावे,
भोगी भोग करे मर जावे।
रोगी कष्ट निवारे, वेले अमृत दे
जागन ओम् प्यारे।।४।।
हरि से नाता जोड़ ले,
जो चाहे कल्याण।
जाना है सब छोड़कर,
धन दौलत संतान ।।










