ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद पर आधारित भव्य वार्षिक समारोह – आर्य समाज हरदत्तपुर, सहसवान (बदायूं)
भारत की सनातन वैदिक परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आर्य समाज हरदत्तपुर, सहसवान (बदायूं) द्वारा 24, 25 और 26 मार्च 2026 को एक भव्य तीन दिवसीय वार्षिक समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम चारों वेद—ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद—के ज्ञान और उनके सार्वभौमिक संदेश “ओ३म् – पूरे विश्व को नेक बनाना” पर आधारित है।
आज के समय में जब समाज संप्रदायों और धर्मों के आधार पर विभाजित होता जा रहा है, ऐसे में वेदों का संदेश मानवता को एकजुट करने का कार्य करता है। वेदों में प्रत्येक जीव के कल्याण का मार्ग बताया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को संगठित करना, वैदिक संस्कृति का प्रचार करना और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है।
इस तीन दिवसीय वेद-कथा, यज्ञ, भजन और प्रवचन कार्यक्रम में आर्य जगत के प्रख्यात भिक्षु, वैदिक वक्ता, भजन गायक और विद्वान भाग लेने जा रहे हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरूकता के लिए भी अत्यंत उपयोगी है।
कार्यक्रम का विवरण:
24 मार्च 2026, मंगलवार को सुबह 8:30 से 11:00 बजे तक सावित्री आर्य वैदिक संस्कार केंद्र, रानी सती अकबराबाद के पास, सहसवान में यज्ञ, भजन और प्रवचन आयोजित किए जाएंगे।
25 और 26 मार्च 2026 को हरदत्तपुर में कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें सुबह 8:00 से 11:00 बजे तक यज्ञ, सत्संग और वेद-कथा, दोपहर 2:00 से 5:30 बजे तक प्रवचन और भजन तथा रात्रि 8:00 से 11:00 बजे तक भजन, प्रवचन और सत्संग होंगे।
आमंत्रित विद्वान:
इस भव्य आयोजन में श्री अशोक आर्य, मेजर विजय आर्य, स्वामी प्रकाश देव, स्वामी पूर्ण प्रकाश पूर्ण, स्वामी शुद्ध बोधानंद जी, आचार्य विजयदेव नैष्ठिक, पंडित नेत्रपाल आर्य एवं आकाश आर्य, स्वामी निरंजन देव जी, पंडित उदयराज आर्य और आचार्य आनंद पुरुषार्थी जैसे प्रतिष्ठित विद्वान अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
आयोजन का महत्व:
यह कार्यक्रम वैदिक ज्ञान, धार्मिक जागरूकता, सामाजिक एकता, आध्यात्मिक विकास और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसमें भाग लेने से व्यक्ति को मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति और जीवन में सकारात्मक दिशा प्राप्त होती है।
कैसे पहुंचे:
बदायूं से दिल्ली जाने वाली सड़क पर सहसवान में अकबराबाद चौराहा या जहांगीराबाद चौराहा पर उतरें। वहां से हरदत्तपुर गांव लगभग 2 किलोमीटर दक्षिण दिशा में स्थित है।
निष्कर्ष:
यदि आप वेद ज्ञान, सत्संग, यज्ञ, भजन और आध्यात्मिक उन्नति में रुचि रखते हैं, तो यह कार्यक्रम आपके लिए एक सुनहरा अवसर है। आइए, इस वैदिक महोत्सव में भाग लें और “पूरे विश्व को नेक बनाने” के इस महान उद्देश्य का हिस्सा बनें।
संपर्क:
आचार्य अर्जुन देव – 9456621926
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