वेद पढ़ों व पढ़ाया करो

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वेद पढ़ों व पढ़ाया करो

वेद पढ़ों व पढ़ाया करो,
वेद सुनो और सुनाया करो।
तन मन से चहुँ ओर सदा,
वेद का डंका बजाया करो।
वेद पढ़ो व पढ़ाया करो…….

जीव कहाँ से जग में आवे,
और कहाँ फिर जावे।
ईश्वर क्या है सृष्टि क्या है,
वेद हमें समझावे।
सबको यही समझाया करो,
वेद सुनो और सुनाया करो।
वेद पढ़ो व पढ़ाया करो……

नर व पशु में अन्तर क्या है,
किसने यह जगत बनाया।
मानव जीवन क्यों मिलता है,
वेद में है दर्शाया।
भरम सच्ची यह मिटाया करो,
वेद सुनो और सुनाया करो।
वेद पढ़ो व पढ़ाया करो………

वेद सिखावे इस दुनियां में,
क्या जीना क्या मरना।
माता-पिता गुरु इष्टजनों की,
विधिवत सेवा करना।
भक्ति में मन को लगाया करो,
वेद सुनो और सुनाया करो।
वेद पढ़ो व पढ़ाया करो……..

वेद ज्ञान है परमेश्वर का,
ऋषि-मुनियों का प्यारा।
सारे जगत में सबसे ऊँचा,
वैदिक धर्म हमारा।
‘पथिक’ यह नारा लगाया करो,
वेद सुनो और सुनाया करो।
वेद पढ़ो व पढ़ाया करो…….