उठो बहिन तजकर अज्ञान
उठो बहिन तजकर अज्ञान,
करो निज जीवन का कल्याण।
बहुत सो चुर्की अब तो जागो,
आलस और निद्रा को त्यागो।
करो फिर भारत का उत्थान,
करो फिर भारत का उत्थान ।।
करो नित जीवन० ।।۱۹
सबला बनकर कुछ दिखलादो,
निर्बलता को मार भगा दो।
कमर में बाँधो आप कृपान,
कमर में बाँधो आप कृपान।
करो निज जीवन० ।।२
गन्दे गीत कभी मत गाओ,
सीता भारत देश जगाओ।
गाकर देश भक्ति का गान,
गाकर देश भक्ति का गान।।
करो निज जीवन० ।।३
मुख सब कुरीतियों से मोड़ो,
सैयद कब्र पूजना छोड़ो।
अगर हो ऋषियों की सन्तान,
अगर हो ऋषियों की सन्तान ।।
करो निज जीवन० ।।४
सीता, सावित्री बन जाओ,
बनकर सरस्वती दिखलाओ।
देश पर हो जाओ बलिदान,
देश पर हो जाओ बलिदान ।।
करो निज जीवन० ।।५
अब दुनियाँ में क्रान्ति मचादो,
और गुण्डों को नाच नचादो।
बनाओ कवि सुत सिंह समान,
बनाओ कवि सुत सिंह, समान ।।
करो निज जीवन० । ।६










