उस प्रभु की है कृपा बड़ी, याद कर ले घड़ी दो घड़ी।
उस प्रभु की है कृपा बड़ी,
याद कर ले घड़ी दो घड़ी।
घंटी बज जाए कब कूच की,
मौत हरदम सिरहाने खड़ी ।।
किन शुभ कर्मों का फल है ये,
तुझे मानव का चोला मिला।
जो आया है जायेगा वो,
बन्द होगा ना ये सिलसिला।
वेद की कहती हर एक कड़ी।
उस प्रभु की है कृपा बड़ी, याद……
जो कुछ करना है ले आज कर,
कुछ खबर प्यारे कल की नहीं।
मानव चोले को कर ले सफल,
ढील दे इसमें पल की नहीं।
टूटे श्वांसों की जाये लड़ी।।
उस प्रभु की है कृपा बड़ी, याद…..
इस जवानी पै इतरा ना तू,
बातों-बातों में ढल जायेगी।
उभरा सीना सुकड़ जायेगा,
और कमर तेरी झुक जायेगी।
हाथों लेकर चलेगा छड़ी।
उस प्रभु की है कृपा बड़ी, याद……..










