आर्य समाज भजनसभी लेख त्याग-तपस्या से पवित्र-परिपुष्ट हुआ By Arya Samaj bhajan - June 15, 2025 0 13 FacebookTwitterPinterestWhatsApp त्याग-तपस्या से पवित्र-परिपुष्ट हुआ त्याग-तपस्या से पवित्र-परिपुष्ट हुआ जिसका ‘तन’ है,भद्र-भावना-भरा स्नेह-संयुक्तशुद्ध जिसका ‘मन’ है। होता व्यय नित-प्रति परहित में,जिसका शुचि संचित ‘धन’ है,वही श्रेष्ठ-सच्चा ‘मानव’ है,धन्य उसी का ‘जीवन’ है। Curent posts: ऋषि ऋण को चुकाना है आई फौज दयानन्द वाली आजादी की दुल्हन मेरे ना रहे युवक ब्रह्मचारी जाते-जाते ये ऋषिवर कह गए। सोते नै तो बोल जगादे इस तरह बनेगा स्वर्ग सभी संसार रे प्रभु तेरा ओ३म् नाम सबका सहारा है। तेरो नाम सुख की खान दीज्यो भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना।